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इजरायल ने बनाई किलर 'रोबोट सेना', खतरनाक सीमा पर ले सकती है इंसानों की जगह

ईरान, हमास जैसे दुश्‍मनों से घिरे इजरायल ने एक ऐसी रोबोट सेना तैयार कर ली है जो न केवल युद्ध लड़ सकती है, बल्कि सीमा पर इंसानी सैनिकों की जग...

ईरान, हमास जैसे दुश्‍मनों से घिरे इजरायल ने एक ऐसी रोबोट सेना तैयार कर ली है जो न केवल युद्ध लड़ सकती है, बल्कि सीमा पर इंसानी सैनिकों की जगह ले सकती है। इजरायल की चर्चित रक्षा कंपनी इल्बिट और रोबोटीम ने इस रोबोट सेना को तैयार किया है। इस रोक अनमैन्‍ड ग्राउंट वीइकल ( ROOK UGV) के जरिए पैदल सैनिकों की कई तरह की भूमिका निभाने में मदद की जा सकती है। इजरायली कंपनियों का दावा है कि ये रोबोट सीमा पर इंसानी सैनिकों की जगह भी ले सकते हैं। सीमा पर जिन खतरनाक इलाकों में इंसानों को भेजने पर खतरा होता है, वहां पर इन रोबोट सैनिकों को भेजकर मनचाहा काम कराया जा सकता है। ये रोबोट खतरनाक हथियारों से लैस हैं और दुश्‍मन को पलक झपकते ही साफ कर सकते हैं। आइए जानते हैं इजरायली रोबोट सेना की खासियत...

​'इंसानी मशीन' की तरह से है इजरायली रोक रोबोट


रोबोटीम के सीईओ इलाज लेवी ने कहा, 'अगर आप किसी जगह पर सैनिक नहीं भेजना चाहते हैं और उनकी जगह पर रोबोट भेजना चाहते हैं तो आपको एक उपाय की जरूरत होगी। उन्‍होंने अपने रोक यूजीवी को मानवरहित वाहनों के लिए 'मदरशिप' करार दिया। इस यूजीवी का डिजाइन बहुत खास है और इसकी क्षमता को पिछले मॉडल की तुलना में काफी बढ़ाया गया है। यह एक 'इंसानी मशीन' की तरह से है जो इंसान की तरह से उसके साथ मिलकर जंग लड़ सकती है। कंपनी के मुताबिक रोक के जरिए अब तक आकाश में ड्रोन और हवाई रोबोट के जरिए होने वाले सभी काम अब जमीन पर भी हो सकेंगे। साथ ही जंग के मोर्चे पर उन कामों को अंजाम दे सकते हैं जिसे करने के लिए सैनिकों की जरूरत होती है। इस रोक सिस्‍टम को PROBOT UGV स‍िस्‍टम के आधार पर विकसित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि रोक यह एक कनेक्‍टेड सिस्‍टम है।

​इजरायली विशेषज्ञों ने कहा कि रोक रोबोट के अंदर खुद ही खतरों को भांपकर फैसला लेने की क्षमता है। यह आर्टिफिशल इंजेलिजेंस की क्षमता से लैस है। इससे वह जंग के मैदान में आसानी से भिड़ सकता है। जंग के मैदान में खराब होने पर इसके पार्ट को आसानी से सैनिक वहीं पर बदल सकते हैं। रोक का वजन 1200 किलोग्राम है और यह इतने वजन का पेलोड अपने साथ आसानी से ले सकता है। यह खराब रास्‍तों और पहाड़ी क्षेत्रों में भी आसानी से जा सकता है। यह जमीन से 24 सेंटीमीटर ऊपर चलता है और 30 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है। इसकी बैट्री का वजन 40 किलोग्राम है और 8 घंटे तक चलती है। लंबे मिशन के लिए इसके अंदर एक अतिरिक्‍त बैट्री की जगह है और अंदर ही जनरेटर लगाया जा सकता है। कई सारे रोक रोबोट को केवल एक व्‍यक्ति ही ऑपरेट कर सकता है। कंपनी का कहना है कि एक रोक रोबोट की कीमत 150,000 लाख डॉलर से लेकर 300,000 लाख डॉलर तक है।

​रेगिस्‍तान, बर्फ या पहाड़ी इलाके में चल सकता है रोबोट

यह रोक रोबोट दिन हो या रात रेगिस्‍तान, बर्फ या अन्‍य पहाड़ी इलाकों में भी आसानी से जा सकता है। इसके अत्‍याधुनिक सेंसर सैनिकों की पहचान कर सकते हैं और युद्ध क्षेत्र में उनके पीछे जा सकते हैं। यह सड़क से हटकर बिना पलटे ही चल सकता है। इसके अंदर घास, पत्‍थर और अन्‍य रास्‍तों को पहचानने की क्षमता है। इससे वह दुर्घटना से बच जाता है और यह कुछ उसी तरह से होता है, जैसे कोई इंसान उसे चला रहा हो। कंपनी का मानना है कि इस रोक रोबोट का इस्‍तेमाल सैनिकों के लिए सप्‍लाइ पहुंचाने, खुफिया सूचना इकट्ठा करने, ड्रोन भेजने के लिए और एक रिमोर्ट वेपन के तौर पर किया जा सकता है। कंपनी ने कहा कि जिन स्‍थानों पर आप सैनिकों को भेजने का जोखिम मोल नहीं ले सकते हैं, वहां रोक रोबोट को भेज सकते हैं। इस कंपनी ने अब तक 20 देशों को अपने खतरनाक रोबोट बेचे हैं।

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